सियासत में आरोप और प्रत्यारोप दो बेहद महत्वपूर्ण शब्द है बात जब हिंदुस्तान की सियासी गलियारों की होती है तो बहुत कुछ छुआ अनछुआ किस्सों वाला कबाड़ मिल ही जाता है |

ऐसे बहुत से धूल जमे वाक्य जिद करने लगते हैं कि उन्हें गर्द से बाहर निकाला जाए जब पूरा देश अपनी दुकान और मकान की सफाई कर दीपावली के मौके पर उन्हें चमका रहा है तो हम भी किस्सों की कोठरी में किसी मेली कहानी से धूल पौंछकर उसे आपके सामने रखने का प्रयास करेंगे लेकिन हम आपको हर चीज निरपेक्ष दिखाते हैं जहां हमारा अपना कोई पक्ष नहीं होता है |

किस्सों की कोठरी में सफाई करते हमें एक किस्से की जिद ने विवश किया है वह किस्सा कहता है कि उसे एक साथ दो पहलुओं पर सुनाया जाए क्योंकि उसका इल्जाम है सियासत के किस्से दिखाने वालों पर कि उन्होंने 2006 से लेकर अब तक उसके दो पहलुओं पर नजर नहीं डाली क्योंकि वह गफलत मोल नहीं लेना चाहते |

बीजेपी के प्रवक्ता और ONGC के मुखिया संबित पात्रा एक बहस में राहुल गांधी पर आरोप लगा रहे थे कि उन्होंने सुकन्या देवी से बलात्कार किया था आज हम उसी किस्से को आपको सुनाएंगे और सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक की हर कहानी बताएंगे |

पहले कहानी सुनिए :-
अमेठी के बलराम सिंह की बेटी सुकन्या देवी 24 साल की हो चुकी थी बलराम सिंह की पृष्ठभूमि कांग्रेस वाली थी वह इंदिरा गांधी के कार्यकर्ता थे पूरे घर में कांग्रेसियत फैली थी युवा सुकन्या इस उम्र तक आते-आते कांग्रेस की विचारधारा को अपने जेहन में गहराई तक उतार चुकी थी |

उधर कांग्रेस के घर में भी एक नया हुक्मरान भविष्य की ताजपोशी के लिए दिल्ली में परवरिश पा रहा था उस युवा की दादी इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री रही तो पिता भी प्रधानमंत्री रहे लेकिन घर से दोनों प्रधान मंत्री अनंत काल की यात्रा पर निकल चुके थे |

अब युवा राहुल गांधी मां सोनिया गांधी से कांग्रेस के गढ़ अमेठी की समझ हासिल कर रहे थे | राहुल गांधी भी अमेठी जाने लगे थे उधर 24 बरस की सुकन्या देवी भी कांग्रेस के राज कुमार राहुल गांधी से मिलने के सपने देखती थी क्योंकि अब वह सुकन्या के युवा आदर्श बन चुके थे |

बेतरतीब फैली कहानियों को इकट्ठा करें तो एक कहानी बनती है भ्रांतियों से सच की तरफ फिर किस्सा बढ़ता है
3 दिसंबर 2006 का दिन पूरी तरह से आम दिन की तरह बीता पर 8:00 बजे इस किस्से के जन्म की प्रसव पीड़ा शुरू हुई और 9:00 बजे यह किस्सा जन्म ले लेता है | 9:00 बजे सर्द रात में सुकन्या अपने आदर्श राहुल गांधी से मिलने अमेठी के वीआईपी गेस्ट हाउस में पहुंचती है किस्सा और चटक हो जाए इसलिए विरोधियों ने कहा कि राहुल गांधी अपने सात दोस्तों के साथ वहां शराब पी रहे थे तीन दोस्त ब्रिटिश बताए गए तो दो इटालियन और एक की पहचान गुमनाम है
राहुल गांधी ने मिलने पहुंची युवती सुकन्या देवी को बैठने का इशारा किया और आखिर में उन्हें शराब पीने का प्रस्ताव भी दे दिया लेकिन सुकन्या ने साफ इंकार कर दिया |

तल्खी और नाराजगी इतनी बढी कि राहुल गांधी और उनके सभी दोस्तों ने युवती से बलात्कार किया |रोती चिल्लाती सुकन्या देवी को मुंह बंद रखने के लिए पचास हजार रुपये देने की पेशकश की गई | पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देकर सुकन्या को गेस्ट हाउस से बाहर भगा दिया गया | सुकन्या जब घर पहुंची तो पिता बलराम ने उनकी आपबीती सुनकर उनकी पिटाई की पीछे पीछे कांग्रेसी भी पहुंच गए और पूरे परिवार को धमकाया लेकिन सुकन्या की मां सुमित्रा ने बेटी को तसल्ली दी और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए सुकन्या को आश्वस्त किया |

सुकन्या और उसकी मां सुमित्रा थाने पहुंचे और उनकी रपट दर्ज नहीं की गई 27 दिसंबर 2006 को सुकन्या ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें ज्यादातर प्रेस वाले आए ही नहीं | कहां गया कि मीडिया दबाव में थी न्याय की तलाश में सुकन्या दिल्ली पहुंची और सोनिया गांधी से भी मिली पर उनको वहां भी धमकी ही मिली | नेशनल कमिशन ऑफ वुमन की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने भी उनकी फरियाद नहीं सुनी सुकन्या अब एकाएक गायब हो गई और 5 साल तक उसकी कहानी गुमनामी में चली गई 5 साल बाद 7 मार्च 2011 को मध्य प्रदेश के एक विधायक किशोर समरीते ने इसी मामले में राहुल गांधी और उनके 6 दोस्तों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

समरीते के वकील विवेक तनखा ने अदालत में राहुल गांधी पर सुकन्या के साथ बलात्कार और उसे बंधक बनाने का आरोप लगाया | साक्ष्यों के अभाव में उल्टे कोर्ट ने समरीते पर पचास लाख रुपये का जुर्माना लगाया हालांकि सीबीआई को जांच के आदेश दे दिए गए | इसके बाद किशोर समरीते सुप्रीम कोर्ट पहुंचे | 6 अप्रैल 2011 को जस्टिस वीएस सिरपुरकर और जस्टिस टी एस ठाकुर की बेंच में ये मामला गया |

कोर्ट ने कांग्रेस सहित राहुल गांधी को आदेश दिया कि 4 हफ्ते में वह समरीते के आरोपों पर सफाई पेश करें इस मामले में नया मोड़ उस वक्त आया जब 4 हफ्ते के दिए गए समय में गजेंद्र पाल सिंह नामक एक व्यक्ति ने समरीते के खिलाफ याचिका दायर की गजेंद्र पाल ने अदालत से कहा कि वह बलराम सिंह का रिश्तेदार है उसने अदालत को यह भी बताया कि जिस लड़की को सुकन्या देवी कह कर प्रचारित किया जा रहा है उसका नाम कीर्ति सिंह है और उसके माता पिता का नाम बलराम सिंह और सुशीला है |

अमेठी के डीजीपी ने कीर्ति सिंह को अदालत में भी पेश किया जहां कीर्ति सिंह ने कहा कि उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की गई और राहुल गांधी निर्दोष है | यह कहानी भ्रांतियों की शक्ल में फैली हुई है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस कहानी के साथ क्या न्याय किया वह आज हम आपको बताएंगे 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने किशोर समरीते के खिलाफ सीबीआई की जांच जारी रखने का आदेश दिया और दस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया |

समरीते को कोर्ट ने आदेश दिया कि वह पांच पांच लाख रुपये राहुल गांधी और कीर्ति सिंह उर्फ सुकन्या देवी को दे
सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका को दुर्भावनापूर्ण कहां राहुल गांधी को दोष मुक्त करते हुए कोर्ट ने उन्हें निर्दोष करार दिया